प्रस्तावना
हाल ही में देश में एक बड़ी और सनसनीखेज़ खबर सामने आई है, जिसमें अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म 1xBet के प्रचार से जुड़े कई बड़े सेलिब्रिटी नाम प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में आए हैं। इस लिस्ट में पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह और बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। इस खबर ने खेल और मनोरंजन जगत दोनों में हलचल मचा दी है।
क्या है पूरा मामला?
ED द्वारा की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के अनुसार, 1xBet एक विदेशी ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जो भारत में बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहा था। आरोप है कि इस प्लेटफॉर्म को लोकप्रिय बनाने के लिए कई नामी हस्तियों ने इसका प्रचार किया और बदले में मोटी रकम ली।
ED का कहना है कि इन प्रचार गतिविधियों से जुड़ा पैसा विदेशी माध्यमों से भारत में लाया गया, जो Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है।
किन-किन सेलेब्रिटीज़ के नाम आए सामने?
🏏 क्रिकेट जगत
- युवराज सिंह – पूर्व भारतीय ऑलराउंडर
- रॉबिन उथप्पा – पूर्व भारतीय क्रिकेटर
- (पहले चरण की जांच में) शिखर धवन और सुरेश रैना
🎬 फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री
- सोनू सूद – अभिनेता
- उर्वशी रौतेला – अभिनेत्री
- नेहा शर्मा – अभिनेत्री
- मिमी चक्रवर्ती – अभिनेत्री व पूर्व सांसद
- अंकुश हाज़रा – अभिनेता
ED ने जानकारी दी है कि इन सभी से जुड़े करीब ₹7.93 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गई हैं।
ED की कार्रवाई का मतलब क्या है?
यह समझना ज़रूरी है कि:
- संपत्ति जब्त होना दोष सिद्ध होना नहीं है।
- यह कार्रवाई जांच के दौरान की जाती है, ताकि कथित अवैध कमाई को सुरक्षित किया जा सके।
- अंतिम फैसला अदालत द्वारा साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगा।
ED का मानना है कि सेलेब्रिटी प्रमोशन ने अवैध बेटिंग ऐप्स को भरोसेमंद दिखाने में बड़ी भूमिका निभाई।
सेलेब्रिटीज़ की सफाई
कुछ सेलेब्रिटीज़ की ओर से यह दलील सामने आई है कि:
- उन्होंने केवल ब्रांड एंडोर्समेंट किया था।
- उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि प्लेटफॉर्म भारत में अवैध है।
- भुगतान कानूनी कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत हुआ।
हालांकि, ED इन दावों की गहराई से जांच कर रही है।
समाज और युवाओं पर असर
आज के डिजिटल दौर में, जब युवा सोशल मीडिया और क्रिकेट/फिल्मी सितारों को आदर्श मानते हैं, तब ऐसे मामलों से यह सवाल उठता है कि:
- क्या सेलेब्रिटीज़ को किसी ब्रांड का प्रचार करने से पहले उसकी वैधता जांचनी चाहिए?
- अवैध बेटिंग ऐप्स युवाओं को आर्थिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुँचा सकते हैं।
निष्कर्ष
1xBet बेटिंग केस केवल एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि यह सेलेब्रिटी जिम्मेदारी, डिजिटल विज्ञापन और युवाओं पर प्रभाव जैसे गंभीर मुद्दों को भी उजागर करता है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और आने वाले समय में कोर्ट का फैसला ही सच्चाई को पूरी तरह सामने लाएगा।
👉 डिस्क्लेमर: यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। सभी नामित व्यक्ति तब तक निर्दोष माने जाएंगे, जब तक अदालत द्वारा दोष सिद्ध न हो।
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