सऊदी–पाकिस्तान रक्षा संधि : विश्व राजनीति में नया संतुलन, क्या होगा भारत का कदम?

Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif and UAE Prime Minister Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum with national flags

रियाध/इस्लामाबाद, 18 सितम्बर 2025 – हाल ही में Saudi Arabia और Pakistan के मध्य एक ऐतिहासिक Mutual Defence Pact सम्पन्न हुआ है, जिसके अंतर्गत यदि किसी एक राष्ट्र पर आक्रमण होता है तो उसे दोनों पर सामूहिक आक्रमण माना जाएगा। इस समझौते ने न केवल मध्य–पूर्व की शक्ति–समीकरण (power equation) को परिवर्तित किया है, बल्कि वैश्विक रणनीतिक परिदृश्य (strategic landscape) पर भी गहन प्रभाव डाला है।

वास्तविक स्थिति

वर्तमान में यह संधि केवल Saudi Arabia और Pakistan के मध्य है।
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि UAE, Bahrain और Qatar भी इस समझौते में सम्मिलित हो चुके हैं, किंतु अब तक किसी भी आधिकारिक स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। Reuters और Associated Press (AP) जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थाओं ने स्पष्ट किया है कि यह pact अभी bilateral है।

संभावित परिणाम

  1. Geopolitical Shift – यह संधि दक्षिण एशिया और खाड़ी (Gulf) क्षेत्र में शक्ति का नया ध्रुव (new pole of power) निर्मित कर सकती है।
  2. Defence Cooperation – Pakistan की nuclear capability और Saudi Arabia की financial strength का मेल, क्षेत्रीय सुरक्षा (regional security) की नई दिशा तय करेगा। इससे पाकिस्तान को good Advantage मिल सकता है |
  3. Global Impact – इस समझौते को अमेरिका, चीन और भारत जैसे राष्ट्र गहरी दृष्टि से देख रहे हैं, क्योंकि इससे World Order में नए समीकरण उत्पन्न हो सकते हैं।

इस संधि पर भारत का क्या कहना है |

ये बात किसी से नहीं छुपी है की भारत और पाकिस्तान के रिश्ते अच्छे नहीं है हमेशा दोनों मे तनाओ बना रहता है | पालगाम टेरर अटैक के बाद हाल ही मे भारत ने पाकिस्तान पर मिशन सिंदूर ऑपरेशन कम्प्लीट किया है | और भारत ने कहा भी है मिशन सिंदूर अभी कम्प्लीट नहीं हुवा है इसे अभी आशागित किया जाता है | हालाकी UAE के रिश्ते भी भारत से मजबूत है हाल ही मे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UAE का दौरा भी किया था | अब देखना ये है की भारत का रुख इस संधि पे क्या होता है | हालाकी इस संधि पर भारत सरकार के द्वारा कोई बड़ा reaction नहीं आया है | लेकिन इंडियन पब्लिक और बड़े राजनेताओ ने इसपर चिंता जताया है | इस संधि से भारत और UAE के रिश्तों मे प्रॉबलम आ सकती है | क्यों की भारत और पाकिस्तान से कभी युद्ध हुवा तो UAE को आना पड़ सकता है इस संधि के मुताबिक |

भ्रांति और सत्य

Claim: “UAE, Bahrain और Qatar इस संधि से जुड़ चुके हैं। इस प्रकार की कोई आधिकारिक घोषणा तक नहीं हुई है”
Truth: ये संधि पाकिस्तान और UAE के बीच हुवा है |

निष्कर्ष

यह संधि निश्चय ही मध्य–पूर्व तथा दक्षिण एशिया की राजनीति में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर है। यद्यपि UAE, Bahrain और Qatar के सम्मिलन की खबरें fake या unverified प्रतीत होती हैं, फिर भी भविष्य में इन राष्ट्रों की संभावित भागीदारी को नकारा नहीं जा सकता। हालाकी दूसरी country इस समझौते को किस प्रकार सोचती है ये बड़ा दिलचस्प हो सकता है |

⚠️ चेतावनी (Disclaimer):
यह समाचार विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों पर आधारित है। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट (unverified) दावों पर विश्वास करने से पूर्व सदैव तथ्य–जांच (fact-check) आवश्यक है।

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