लद्दाख में बवाल: राज्य दर्जा की मांग पर हिंसा, बीजेपी दफ़्तर को भी आग के हवाले!

Ladakh protest violence for statehood demand in Leh

लद्दाख के लेह में सार्वजनिक प्रदर्शन पूर्ण राज्य का दर्जा की मांग को लेकर हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पत्थरबाजी, आगजनी और लाठी-चार्ज के बीच कम से कम चार लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए। बाकी मांगें—जिनमें लद्दाख को “पूर्ण राज्य” दर्जा देने की मांग शामिल है—ने इस आंदोलन को और तीव्र कर दिया। प्रदर्शन में भाजपा कार्यालय और एक पुलिस वैन को आग लगाई गई।

परिस्थिति के बिगड़ने के बाद प्रशासन ने जमा-विचार (prohibitory orders) लागू कर दिए और चेतावनियाँ जारी की हैं। आंदोलन के मुख्य व्यक्तित्व सोनम वांगचुक ने अपना 15-दिन का उपवास तोड़ दिया और लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की है।

घटना का विवरण

  • यह आंदोलन लेह एरीया में हुआ, जहाँ शहर बंद (shutdown) और रैलियाँ आयोजित की गई थीं।
  • प्रदर्शनकारियों की ये मांग थी की लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले
  • प्रदर्शन के दौरान लोग पत्थरबाजी करने लगे, और एक भाजपा कार्यालय एवं एक पुलिस वैन को आग लगा दी गई।
  • पुलिस ने अश्रु गैस छोड़ी और लाठी-चार्ज किया, जिससे भीड़ में कई लोग घायल हो गए।
  • प्रशासन ने प्रतिबंध आदेश जारी किया है — अब पांच या उससे अधिक लोगों का जमावड़ा, जुलूस या बिना अनुमति का प्रदर्शन निषिद्ध है।

हताहत और घायल

  • समाचारों के अनुसार चार लोग मारे गए हैं।
  • साथ ही, करीब 50 से 70 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
  • कुछ घायल लोग गंभीर अवस्था में हैं।

मांग और पृष्ठभूमि

  • प्रदर्शन की मूल मांग है कि लद्दाख को पूर्ण राज्य (Statehood) दर्जा दिया जाए।
  • एक अन्य प्रमुख मांग है कि लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल किया जाए — ताकि स्वायत्तता, वित्तीय अधिकार और स्थानीय शासकीय शक्तियाँ मिल सकें।
  • यह आंदोलन “लेह एपीक्स बॉडी (Leh Apex Body, LAB)” के युवा पक्ष ने शुरू किया था, और दो सक्रिय नेताओं की स्वास्थ्य बिगड़ने पर प्रदर्शन को और तेज किया गया।
  • प्रदर्शन से पहले सोनम वांगचुक ने 35 दिन के उपवास की शुरुआत की थी।

कौन है Sonam Wangchuk ?

सोनम वांगचुक का आप लोगों ने नाम तो सुना ही होगा इस प्रदर्शन को ये बहोत पहले से उठा रहे है | पहले भी उन्होंने कई बार अनसन किया था | लद्दाख से दिल्ली वो पैदल चल के आए थे | उनको दिल्ली मे घसीट कर बंद कर दिया गया था | यहा उनको लद्दाख House मे रखा गया था फिर वही से उनको घर भेज दिया गया | अभी वो 15 दिन से भूख हड़ताल कर रहे है | आपको बता दे की 3 Idiots मूवीज मे आमिर खान का जो किरदार था वो सोनम वांगचुक से ही प्रेरित था | इनको कई सारे अवॉर्ड भी मिल चुके है |

सरकार ने किया था वादा |

प्रदर्शनकारियों का कहना है मोदी सरकार ने उनसे वादा किया था की लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा | बात ये है की जब साल 2019 मे धारा 370 और 35A हटाया गया था तब जम्मू कश्मीर और लद्दाख को Union Territory बना दिया गया | लेकिन जम्मू कश्मीर मे तो चुनाव हुवे | पर लद्दाख मे अभी तक चुनाव नहीं हुवे | लोगों मे आक्रोश है की अभी जो सरकार है वो चुनाव से नहीं है | हमे भी अपना नेता चुनने का अधिकार है |

अधिकारियों एवं नेताओं की प्रतिक्रिया

  • लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG) और प्रशासन ने हिंसा की निंदा की है और शांति बनाए रखने की अपील की है।
  • भाजपा ने कांग्रेस पर प्रदर्शन को उकसाने का आरोप लगाया, खासकर एक स्थानीय कांग्रेस पार्षद Phuntsog Stanzin Tsepag को।
  • लेकिन सोनम वांगचुक ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि कांग्रेस का वहाँ इतना प्रभाव नहीं है।
  • वांगचुक ने कहा कि उनका “शांति मार्ग” संदेश विफल हो गया है और युवाओं को हिंसा न करने की अपील की है।
  • उन्होंने अपना उपवास भी तोड़ दिया है।

प्रभाव और आगे की चुनौतियाँ

  • यह हिंसा दर्शाती है कि शांति पूर्ण आंदोलन में पचास-पचास भावनाएँ भी भड़क सकती हैं।
  • स्थानीय जनता का धैर्य टूट रहा है — यदि मांगों को समय रहते नहीं देखा गया, तो और भी बड़े विद्रोह हो सकते हैं।
  • केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों के बीच वार्ता अब अनिवार्य हो गई है।
  • प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा कि वे संवैधानिक समाधान दें, न कि केवल दमन के उपाय।
  • भविष्य में यदि ये मांगें लागू नहीं हुईं, तो इस प्रकार की घटनाएँ पुनरावृत्त हो सकती हैं।

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