भारत की राजधानी दिल्ली न सिर्फ़ राजनीति का केंद्र है, बल्कि यह कई ऐतिहासिक धरोहरों और स्थापत्य कला के अद्भुत नमूनों का घर भी है। यहा बहोत सारी प्राचीन किले है | इन्हीं धरोहरों में से एक है क़ुतुब मीनार, जो अपनी ऊँचाई, खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
क़ुतुब मीनार का इतिहास
क़ुतुब मीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक (Qutb-ud-din Aibak) ने 1192 ई. में शुरू करवाया था।
वह दिल्ली सल्तनत (Delhi Sultanate) के पहले शासक और ममलुक वंश (Slave Dynasty) के संस्थापक थे।
लेकिन उन्होंने मीनार का निर्माण केवल पहली मंजिल तक ही करवाया था।
क़ुतुब मीनार का निर्माण कई शासकों के काल में पूरा हुआ।
| शासक का नाम | योगदान |
|---|---|
| कुतुबुद्दीन ऐबक (1192–1210) | मीनार की नींव रखी और पहली मंजिल बनवाई |
| इल्तुतमिश (1211–1236) | तीन और मंज़िलें बनवाकर मीनार को ऊँचा किया |
| फिरोज शाह तुगलक (1351–1388) | भूकंप से क्षतिग्रस्त होने पर मीनार की ऊपरी पाँचवीं मंज़िल का पुनर्निर्माण करवाया |
| सिकंदर लोदी (1489–1517) | आगे के वर्षों में कुछ मरम्मत कार्य करवाए |
कहा जाता है कि इसे इस्लाम की जीत और दिल्ली में मुस्लिम शासन की शुरुआत का प्रतीक मानकर बनाया गया था।
निर्माण शैली और विशेषताएँ:
- क़ुतुब मीनार की कुल ऊँचाई 72.5 मीटर (238 फीट) है।
- यह लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बनी है।
- मीनार में 5 मंज़िलें हैं और हर मंज़िल पर झरोखे जैसी बालकनियाँ बनी हैं।
- पहले तीन तल लाल बलुआ पत्थर से और ऊपर के दो तल सफेद संगमरमर और बलुआ पत्थर से बने हैं।
- इसकी दीवारों पर खूबसूरत अरबी और नागरी शिलालेख उकेरे गए हैं।

क़ुतुब परिसर (Qutub Complex)
क़ुतुब मीनार सिर्फ़ एक मीनार नहीं है, बल्कि यह एक बड़े पुरातात्विक परिसर का हिस्सा है।
कुतुब मीनार के आसपास कई ऐतिहासिक इमारतें हैं, जैसे —
- क़ुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद: दिल्ली की पहली मस्जिद।
- अलाइ मीनार: अलाउद्दीन खिलजी की अधूरी मीनार।
- लौह स्तंभ (Iron Pillar): गुप्तकाल का 1600 साल पुराना लौह स्तंभ, जो आज तक ज़ंग नहीं खाया।
- कई और मकबरे और प्राचीन स्थापत्य संरचनाएँ।

क़ुतुब मीनार की खूबसूरती
- यह मीनार दिन में धूप की रौशनी में अपनी लाल-पीली छटा बिखेरती है।
- रात में जब यहाँ लाइटिंग होती है तो यह और भी भव्य लगती है।
- इसके चारों ओर हरे-भरे बाग़ इसे और भी आकर्षक बनाते हैं।
- यह जगह फोटोग्राफ़ी और टूरिस्ट्स के लिए हॉटस्पॉट है।

विश्व धरोहर
1981 में यूनेस्को ने क़ुतुब मीनार को विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) घोषित किया।
आज यह न सिर्फ़ भारतीय इतिहास का प्रतीक है बल्कि भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है।
घूमने का समय और टिकट
- खुलने का समय: सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक
- टिकट:
- भारतीय नागरिक: ₹40
- विदेशी पर्यटक: ₹600
- निकटतम मेट्रो स्टेशन: क़ुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन (येलो लाइन)
निष्कर्ष
क़ुतुब मीनार सिर्फ़ दिल्ली की शान ही नहीं बल्कि भारत की ऐतिहासिक विरासत का अनमोल हिस्सा है। इसकी ऊँचाई, स्थापत्य कला और इसके पीछे छिपी कहानियाँ हर पर्यटक को अपनी ओर खींच लेती हैं। अगर आप दिल्ली घूमने जा रहे हैं तो क़ुतुब मीनार को ज़रूर अपनी सूची में शामिल करें। इसकी खूबसूरती और कलाकृति आपको लुभा सकती है |
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